विशाल भारद्वाज ने कहा बॉलीवुड में बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है

विशाल भारद्वाज
Vishal bhardwaj

विशाल भारद्वाज ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं की फ़िल्म इंडस्ट्री में काम करने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ती है। क्योंकि यहाँ एक ही रात में ‘स्टार या जोकर’ बनते हैं। तो इसके लिए इंडस्ट्री में बड़ा दाव लगता है और जहां बड़े दाव लगते हैं वहां उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।

 

मुंबई: संगीतकार और निर्माता निर्देशक विशाल भारद्वाज का कहना है कि फ़िल्म इंडस्ट्री एक परिवार कि तरह रहते हैं और जब एक फ़िल्म पर कोई यूनिट काम करती है तो वहां सिर्फ प्रतिभा को ही तवज्जो दी जाती है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री में काम काज के तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं और यह सवाल और कोई नहीं इंडस्ट्री के जाने माने कलाकार ही उठा रहे हैं। लेकिन ऐसे में विशाल भारद्वाज फ़िल्म इंडस्ट्री की एक अलग तस्वीर सामने रखते हैं।

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एक अवार्ड प्रोग्राम की घोषणा के मौके पर विशाल भारद्वाज से जब फ़िल्म इंडस्ट्री में भाई भतीजावाद और काम काज को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता कि फ़िल्म इंडस्ट्री में ऐसा कुछ है। हमारे यहाँ सिर्फ वर्क कल्चर को इतना प्यार करते हैं कि जब एक फ़िल्म पर यूनिट काम करती है तो वह एक परिवार बन जाता है। विशाल भारद्वाज एक अलग तरह का सिनेमा बनाने के लिए जाने जाते हैं उन्होंने ‘ओमकारा’, ‘मक़बूल” और हैदर’, जैसी फिल्मों का निर्माण किया है। निर्देशन के आलावा विशाल भारद्वाज को उम्दा संगीत के लिए भी जाना जाता है।

जाने पक्षपात को लेकर क्या कहा विशाल भारद्वाज ने

बीते कुछ दिनों से इंडस्ट्री में काम काज को लेकर चल रहे पक्षपात पर विशाल भारद्वाज ने कहा, “फ़िल्म इंडस्ट्री में सिर्फ काम को तव्वजो दी जाती है यहां बेहद खूबसूरत वर्क कल्चर सिस्टम है। जिसमें न तो किसी धर्म से कोई लेना-देना है और न ही भाई भतीजावाद से और जो आजकल मीडिया में चल रहा है मुझे लगता है वह सब कोरी बकवास के सिवा और कुछ नहीं, मैं ख़ुद उत्तर भारत से आता हूँ और कभी मैंने अपने आप को यहां अलग महसूस नहीं किया।

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विशाल भारद्वाज ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं की फ़िल्म इंडस्ट्री में काम करने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ती है। क्योंकि यहाँ एक ही रात में ‘स्टार या जोकर’ बनते हैं। तो इसके लिए इंडस्ट्री में बड़ा दाव लगता है और जहां बड़े दाव लगते हैं वहां उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने कहा इसे आप लॉटरी सिस्टम मान सकते हैं क्योंकि यहां प्रतिभा रखने वालों की लॉटरी ज़रूर लगती है। फिर चाहे वो फ़िल्मी परिवार से हो या न हो।

मीडिया में चल रहे विवादों पर विशाल भारद्वाज ने आपत्ति जताते हुए खुलकर अपनी बात कही उन्होंने कहा जो कुछ भी चल रहा है उस पर पाबंदी लगनी चाहिए। सबको पता है कि ऐसा करने में किसकी दिलचस्पी है और क्यों हैं? उन्होंने कहा हमें (फ़िल्म इंडस्ट्री) अपने हाल पर छोड़ दीजिए हम लोग बहुत अच्छे हैं।

 

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